२१ वर्षीया युवा द्वारा बनायीं नकली चुनावी सर्वेक्षण साइट का पर्दाफाश
एक युवा स्नातक ने ‘मीडियन स्ट्रेटेजीज़’ नामक अनाम वेबसाइट के माध्यम से अमेरिकी राज्यों में नकली चुनावी सर्वेक्षण प्रकाशित किए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए। इस प्रयोग को उसने ‘अल्पकालिक सामाजिक प्रयोग’ कहा, जिसका उद्देश्य यह देखना था कि बिना सत्यापन के झूठी सर्वेक्षण जानकारी के पारिस्थितिकी तंत्र में कैसे प्रवेश करती हैं। रिपोर्टर के प्रश्नों के बाद साइट ने सर्वेक्षण को वापस ले लिया और साइट को बंद कर दिया।
यह घटना डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को दर्शाती है, जैसा कि हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने फर्जी पेपर लीक वीडियो को नकली घोषित किया था और भु-बनाव कार सेवा घोटाले में उच्च प्रोफ़ाइल धोखेबाज़ को गिरफ्तार किया गया था। इन सभी मामलों में सामाजिक मंचों पर झूठी जानकारी का तेज़ी से प्रसार और जनता की भ्रमित स्थिति प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं।
नकली सर्वेक्षणों के प्रभाव को समझने के लिए विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी प्रयोगात्मक साइटें सार्वजनिक राय को गढ़ने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँच सकता है। इसलिए, सूचना की सत्यता की जाँच करने के लिए स्वतंत्र सत्यापन संस्थाओं की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोका जा सके।