आईआईटी कानपुर से एलएसई और सीजेपी के सह-संयोजक तक: जानिए आशुतोष रांका का शैक्षणिक सफर
जयपुर/नई दिल्ली: कई युवाओं के लिए शिक्षा का मतलब केवल डिग्री हासिल करना नहीं होता, बल्कि यह सोचने का नज़रिया विकसित करने और समाज में नेतृत्व करने का जरिया बनती है। युवा एक्टिविस्ट और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सह-संयोजक एवं जन रणनीतिकार (Public Strategist) आशुतोष रांका का अकादमिक सफर इसी बात का एक बड़ा उदाहरण है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई से लेकर पब्लिक पॉलिसी और छात्र राजनीति तक, आशुतोष ने देश और दुनिया के शीर्ष संस्थानों से अपनी शिक्षा पूरी की है।
जयपुर से शुरुआती शिक्षा
आशुतोष रांका ने अपनी स्कूली शिक्षा जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल से पूरी की। स्कूल के दिनों से ही उनकी रुचि पढ़ाई के साथ-साथ पाठ्येतर गतिविधियों (extracurricular activities) में भी रही। यहीं से उनके नेतृत्व कौशल और सामाजिक मुद्दों के प्रति जुड़ाव की नींव पड़ी।
IIT कानपुर में इंजीनियरिंग और छात्र नेतृत्व
साल 2013 में आशुतोष ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में प्रवेश लिया, जहाँ से उन्होंने मटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग (B.Tech) में स्नातक की डिग्री हासिल की।
आईआईटी में पढ़ाई के दौरान वे कैंपस गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे। वे आईआईटी कानपुर के प्रतिष्ठित छात्र निकाय 'स्टूडेंट्स जिमखाना' के प्रेसिडेंट भी चुने गए। इस पद पर रहते हुए उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने, विभिन्न पहलों को प्रबंधित करने और निर्णय लेने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
LSE से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई
2017 में आईआईटी से बी.टेक पूरा करने के बाद आशुतोष का झुकाव गवर्नेंस, एडमिनिस्ट्रेशन और पॉलिसी-मेकिंग की तरफ बढ़ा। उन्होंने दुनिया के अग्रणी संस्थान लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MPA) की पढ़ाई (2020-2022) की। एलएसई में पढ़ाई के दौरान वे पॉलिसी से जुड़ी परियोजनाओं में शामिल रहे और 'पॉलिसी स्फेयर जर्नल' में योगदान दिया।
कॉर्पोरेट करियर से छात्र आंदोलन तक
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आशुतोष ने लंदन में प्रसिद्ध कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) में बतौर मैनेजमेंट कंसलटेंट काम किया। हालाँकि, बाद में उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र के बजाय युवाओं, शिक्षा और जन-मुद्दों से जुड़ी आवाज़ उठाने का रास्ता चुना।
हाल के दिनों में, छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधारों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मंच से चलाए गए अभियानों में आशुतोष रांका एक प्रमुख रणनीतिकार और प्रवक्ता के रूप में उभरे हैं।
छात्रों के लिए मुख्य सबक
डिग्री करियर को सीमित नहीं करती: इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद भी पब्लिक पॉलिसी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया जा सकता है।
कैंपस लीडरशिप का महत्व: कॉलेज के दिनों में लीडरशिप रोल निभाने से व्यावहारिक कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और संचार कौशल मजबूत होता है।
इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग: तकनीकी ज्ञान और लोक नीति (Public Policy) का तालमेल समाज की समस्याओं को बेहतर ढंग से सुलझाने में मदद करता है।