आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने एमएससी छात्र की मृत्यु पर जांच और परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा की मांग की
आईआईटी दिल्ली के छात्रों ने हाल ही में कैंपस में हुई एक एमएससी छात्र की रहस्यमयी मृत्यु पर गहन जांच की मांग की है। छात्र संघ ने विश्वविद्यालय के डीन, छात्र मामलों के सहायक डीन तथा भौतिकी विभाग के प्रमुख को पदत्याग करने का आग्रह किया, क्योंकि वे इस घटना में संभावित लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराए जा रहे हैं। इस मांग के पीछे यह आशा है कि एक स्वतंत्र आयोग द्वारा तथ्यात्मक सत्य स्थापित किया जाएगा और भविष्य में समान घटनाओं को रोका जा सकेगा।
यह मांग पिछले कुछ महीनों में देश भर में हुई कई अन्य न्यायिक मांगों से प्रेरित है। ओडिशा में नाबा दास की हत्या के बाद उनके परिवार ने सीबीआई जांच की पुनः माँग की थी, जबकि शिलांग में एक जोड़े की मृत्यु के बाद भी सार्वजनिक दबाव ने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को उजागर किया। इन मामलों ने यह स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है।
छात्रों ने पीड़ित के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की भी माँग की है, ताकि वे इस दुखद क्षति से उबर सकें। वे मानते हैं कि विश्वविद्यालय को न केवल शैक्षणिक माहौल सुरक्षित बनाना चाहिए, बल्कि ऐसी त्रासदियों के बाद मानवीय समर्थन भी प्रदान करना चाहिए। इस प्रकार की मांगें न केवल न्याय की पुकार हैं, बल्कि भविष्य में छात्रों के सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण की गारंटी भी बनती हैं।