भ्रष्टाचार की कीमत: छात्रों का खोया हुआ भविष्य | Kashyap Sandesh
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भ्रष्टाचार की कीमत: छात्रों का खोया हुआ भविष्य

R c Nishad(साहनी) · 19 अगस्त 2026

विद्यार्थियों के लिए कड़ी मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की नींव मानी जाती है। वे महीनों‑सालों तक पढ़ाई करते हैं, नींद और पारिवारिक समय का त्याग करते हैं, यह मानते हुए कि उनका परिश्रम अंततः उन्हें उज्जवल भविष्य देगा। परन्तु परीक्षा प्रणाली में बढ़ते भ्रष्टाचार ने इस विश्वास को धूमिल कर दिया है; प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा रद्दीकरण और पुनः परीक्षा जैसी घटनाएँ छात्रों को निराशा की ओर धकेल रही हैं।

जब प्रश्नपत्र लीक होता है, तो केवल परीक्षा की सत्यता ही नहीं, बल्कि योग्य छात्रों का भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है। ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है, जबकि धोखाधड़ी करने वाले को अनुचित लाभ मिलता है। इस प्रकार की अनियमितताओं से आर्थिक, शैक्षणिक और भावनात्मक तनाव उत्पन्न होता है, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बार‑बार परीक्षा दोहराने का खर्च नहीं उठा सकते।

जम्मू‑कश्मीर में एंटी‑करप्शन ब्यूरो द्वारा हाल ही में दो भ्रष्टाचार मामलों में चार्जशीट दाखिल करना और रिश्वत लेते पाटवारी को गिरफ्तार करना इस व्यापक भ्रष्टाचार की लहर को दर्शाता है। यह दिखाता है कि परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार केवल शैक्षणिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है। इसलिए परीक्षा सुरक्षा को कड़ा करना, पारदर्शिता बढ़ाना, लीक की तुरंत जांच करना और दोषियों को सख्ती से दंडित करना अनिवार्य है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

स्रोत: Morung Express Nagaland

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