भारत ७० प्रतिशत से अधिक कपड़ा कचरे का पुनर्चक्रण कर रहा है
नई दिल्ली, १२ जुलाई : भारत अपने कुल कपड़ा कचरे के ७० प्रतिशत से अधिक का पुनर्चक्रण कर रहा है, जो परिपत्र अर्थव्यवस्था के हिस्से के रूप में पुनर्चक्रण, अपसाइकलिंग, डाउनसाइकलिंग या पुन: उपयोग में चैनल किया जा रहा है। परिपत्र अर्थव्यवस्था एक आर्थिक प्रणाली है जहां सामग्री और संसाधनों का पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और पुनरावृत्ति किया जाता है।
यह जानकारी रविवार को जारी एक सरकारी तथ्य पत्र में दी गई है। इसमें कहा गया है कि भारत में कपड़ा कचरे का पुनर्चक्रण करने वाले उद्योगों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। परिपत्र अर्थव्यवस्था के माध्यम से हम अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और कचरे को कम कर सकते हैं।
भारत में कपड़ा उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और इसका पुनर्चक्रण करना हमारे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद है। सरकार द्वारा जारी तथ्य पत्र में कहा गया है कि भारत में कपड़ा कचरे का पुनर्चक्रण करने वाले उद्योगों में निवेश करने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा, परिपत्र अर्थव्यवस्था के माध्यम से हम अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रख सकते हैं।
परिपत्र अर्थव्यवस्था के माध्यम से हम अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रख सकते हैं। यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमें अपने भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा। सरकार द्वारा जारी तथ्य पत्र में कहा गया है कि भारत में कपड़ा कचरे का पुनर्चक्रण करने वाले उद्योगों में निवेश करने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा, परिपत्र अर्थव्यवस्था के माध्यम से हम अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रख सकते हैं।