एकता और परम्पराओं का सम्मान: मेघालय में विकास की नई दिशा | Kashyap Sandesh
राष्ट्रीय

एकता और परम्पराओं का सम्मान: मेघालय में विकास की नई दिशा

R c Nishad(साहनी) · 20 अगस्त 2026

शिलॉन्ग, 19 अगस्त: मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने आज आयोजित सीमा दीवार के आधारशिला समारोह में एकता और आदिवासी परम्पराओं के सम्मान की पुकार की। उन्होंने कहा कि मेघालय की प्रगति तभी संभव है जब उसके विभिन्न जनजातीय समूह एकजुट होकर अपने-अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखें। इस बात पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भावना आर्थिक विकास की नींव है और यह सभी को मिलकर ही हासिल की जा सकती है।

पिछले कुछ हफ्तों में राज्य ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जून में एल नीनो के कारण वर्षा में कमी की आशंका से जल और खाद्य सुरक्षा को लेकर आपातकालीन उपायों की घोषणा की गई थी, जिससे लोगों में सतर्कता बढ़ी। इसके बाद जिला परिषदों में सुधारों की समीक्षा की गई और खासी हिल स्वायत्त जिला परिषद ने कुछ प्रस्तावों को ठुकरा दिया, जिससे प्रशासनिक संरचना में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उभरी। इन सभी घटनाओं ने राज्य के नेतृत्व को एकजुट और दृढ़ रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

उद्यमिता को आर्थिक परिवर्तन का मुख्य आधार मानते हुए, मुख्यमंत्री ने छोटे और मध्यम उद्यमियों को समर्थन देने की योजना को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि नवाचार और स्थानीय व्यवसायों का विकास न केवल रोजगार सृजन करेगा बल्कि मेघालय की सांस्कृतिक धरोहर को भी सुदृढ़ करेगा। इस प्रकार, एकता, परम्पराओं का सम्मान और उद्यमिता को मिलाकर ही राज्य का सतत विकास संभव है।

स्रोत: Shillong Times Meghalaya

© 2026 Kashyap Sandesh. सर्वाधिकार सुरक्षित।

होम · हमारे बारे में · संपर्क · गोपनीयता नीति

Operated by Billionbyte Technologies