मेघालय को अपनी प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए | Kashyap Sandesh
राष्ट्रीय

मेघालय को अपनी प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए

R c Nishad(साहनी) · 28 अगस्त 2026

मेघालय के गठन के समय, 1972 में, राजनीतिक वर्ग ने सत्ता को स्थिर करने पर अधिक ध्यान दिया और सामाजिक एवं आर्थिक विशेषज्ञों को एक साथ लाकर राज्य की दिशा तय करने की आवश्यकता को नज़रअंदाज़ किया। इस कारण, आज राज्य को वह स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं मिल पाया जो ५० वर्षों के बाद भी प्रासंगिक हो।

हाल ही में प्रकाशित रिपोर्टों ने मेघालय में शिक्षा संकट को उजागर किया है, जहाँ स्कूलों की बुनियादी सुविधाएँ घटती जा रही हैं और शिक्षक प्रशिक्षण में कमी स्पष्ट है। इस समस्या को हल करने के लिए सामाजिक विचारकों और शैक्षणिक विशेषज्ञों को मिलकर एक व्यापक शिक्षा नीति बनानी होगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान अवसर सुनिश्चित हो सके।

साथ ही, राष्ट्रीय रक्षा बजट में चुनौतियों और नई नौकरियों के सृजन की आवश्यकता को देखते हुए, मेघालय को रक्षा और आर्थिक विकास को संतुलित करने वाला एकीकृत योजना बनानी चाहिए। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) मेघालय में अनुसंधान‑आधारित पदों की भर्ती से युवा प्रतिभा को आकर्षित किया जा सकता है, जिससे राज्य की समग्र प्रगति में तेजी आएगी। इन सभी पहलुओं को सम्मिलित कर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना अब अत्यावश्यक है।

स्रोत: Shillong Times Meghalaya

© 2026 Kashyap Sandesh. सर्वाधिकार सुरक्षित।

होम · हमारे बारे में · संपर्क · गोपनीयता नीति

Operated by Billionbyte Technologies