महाराष्ट्र के अस्पताल में वेंटिलेटर विस्फोट से आग, तीन नवजात शिशु मारें गए
महाराष्ट्र के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर के अचानक विस्फोट से आग लग गई, जिससे नवजात शिशु देखभाल वार्ड में धुआँ भर गया। इस हादसे में कई डॉक्टर, नर्स और तकनीशियन तुरंत कार्यस्थल पर पहुँचे और आग को नियंत्रित करने तथा शिशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की। दुर्भाग्यवश, तीन नवजात शिशु इस आग में अपनी जान गंवा बैठे, जबकि अन्य शिशुओं को तुरंत बचा लिया गया।
आग लगते ही अस्पताल के प्रशासन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया, सभी विद्युत उपकरणों को बंद कर दिया और शिशुओं को सुरक्षित कक्षों में स्थानांतरित किया। डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन शिशुओं की नाजुक स्थिति के कारण बचाव कार्य कठिन रहा। इस दौरान, कई स्टाफ सदस्य घायल हुए और उन्हें भी प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना के बाद स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग ने जांच शुरू कर दी।
पिछले साल सिगाची और मोनाको में हुए विस्फोटों ने अस्पतालों और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया था। उन घटनाओं में भी पीड़ितों ने मुआवजा और न्याय की माँग की थी, जबकि कई मामलों में उत्तरदायित्व स्पष्ट नहीं हो पाया। इस संदर्भ में, विशेषज्ञों ने कहा कि अस्पतालों में उपकरणों की नियमित जांच, आपातकालीन निकास मार्गों की स्पष्टता और स्टाफ को नियमित प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। अब पीड़ित परिवारों ने त्वरित जांच, जिम्मेदारियों की सजा और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े नियमों की मांग की है।