मेटा को अमेरिकी किशोरों के नुकसान के लिए अरबों का भुगतान, भारत में एल्गोरिदम अनियंत्रित
संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वास्थ्य प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग किशोरों में अवसाद और चिंता के जोखिम को लगभग दो गुना कर देता है। सर्वेक्षण में पाया गया कि आधे से अधिक किशोरों ने कहा कि सोशल मीडिया ने उनके शारीरिक स्वरूप के प्रति आत्मविश्वास को घटाया। इस संदर्भ में, मेटा को अमेरिकी न्यायालयों ने किशोरों के नुकसान के लिए अरबों डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है, जिससे कंपनी पर सामाजिक जिम्मेदारी का बोझ बढ़ गया है।
वहीं, भारत में मेटा के एल्गोरिदम पर नियामक नियंत्रण अभी भी कमजोर है। केंद्र सरकार ने हाल ही में व्हाट्सएप के उपयोगकर्ता नाम फीचर को रोकने का निर्देश जारी किया, क्योंकि यह धोखाधड़ी और पहचान की चोरी को बढ़ावा दे सकता है। इस कदम के साथ, सरकार ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर पारदर्शिता और उपयोगकर्ता सुरक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया है। साथ ही, यह बताया गया कि भारत में मेटा के प्लेटफ़ॉर्म का 92 % उपयोग माइक्रो, छोटे और मध्यम उद्यमों द्वारा किया जाता है, जिससे छोटे व्यवसायों की डिजिटल निर्भरता स्पष्ट होती है।
इन दोनों देशों की स्थितियों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मेटा को न केवल अमेरिकी किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए वित्तीय जिम्मेदारी उठानी चाहिए, बल्कि भारत में भी अपने एल्गोरिदम की निगरानी को सुदृढ़ करना चाहिए। नियामक संस्थाओं को मिलकर ऐसी नीतियां बनानी होंगी जो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के दुरुपयोग को रोकें और छोटे उद्यमों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करें। अंततः, सामाजिक मीडिया के लाभों को सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के साथ संतुलित करना ही भविष्य की दिशा होनी चाहिए।