१,२०० से अधिक ऑटो‑टैक्सी चालकों को मराठी भाषा न जानने पर नोटिस
महाराष्ट्र सरकार ने मई माह में यह स्पष्ट निर्देश जारी किया कि सभी ऑटो‑रिक्षा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान अनिवार्य किया जाएगा। इस आदेश के तहत गैर‑मराठी चालक वर्ग के लिए विशेष मराठी प्रशिक्षण कोर्स तैयार किया गया, जिसमें व्याकरण, सामान्य वार्तालाप और यात्रियों के साथ संवाद के मूलभूत तत्व शामिल हैं। सरकार ने इस कोर्स को सुलभ बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग किया है, जिससे हर चालक को सीखने का अवसर मिल सके।
इस नीति के कार्यान्वयन की अंतिम तिथि १५ अगस्त निर्धारित की गई है, जिसके बाद जो चालक मराठी में पर्याप्त दक्षता नहीं दिखा पाएंगे, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस प्राप्त करने वाले लगभग एक हज़ार दो सौ से अधिक चालक हैं, जो इस नई आवश्यकता को पूरा करने के लिए तत्पर हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच संवाद को सहज बनाना, सुरक्षा बढ़ाना और स्थानीय भाषा के सम्मान को सुदृढ़ करना है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत के विभिन्न शहरों में परिवहन क्षेत्र में बड़े परिवर्तन हुए हैं। दिल्ली में सीएनजी क्रांति ने ईंधन की कमी और प्रदूषण को कम करने में मदद की, जबकि गुजरात में भारत टैक्सी के लॉन्च ने सहयोगी राइड‑हेलिंग मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर फैलाया। इन सफलताओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने भी भाषा‑आधारित सेवा सुधार को अपनाया है, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर सुविधा मिल सके और चालक वर्ग को नई कौशल प्राप्त करने का अवसर मिले। भविष्य में इस प्रकार की नीतियों के विस्तार से भारतीय परिवहन प्रणाली में समग्र सुधार की उम्मीद की जा रही है।