दिल्ली विश्वविद्यालय ने तीन अतिरिक्त कॉलेजों को कक्षा 12 अंक के आधार पर खाली स्नातक सीटें भरने की अनुमति दी
दिल्ली विश्वविद्यालय ने श्याम लाल कॉलेज, राजधानी कॉलेज और ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (इवनिंग) को कक्षा 12 के अंक के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर चयनित स्नातक कार्यक्रमों में खाली सीटें भरने की अनुमति दी। यह कदम तब उठाया गया जब नियमित प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी कई विभागों में सीटें खाली रह गई थीं, जिससे छात्रों के लिये प्रवेश की प्रतीक्षा अवधि बढ़ गई थी। विश्वविद्यालय ने कहा कि इस विशेष प्रक्रिया से योग्य छात्रों को शीघ्रता से अवसर प्रदान किया जाएगा और शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में ही सभी सीटें भर जाएँगी।
यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा संस्थानों द्वारा खाली सीटों को भरने के विभिन्न प्रयोगों के साथ मेल खाता है। उदाहरण के तौर पर, आर्यन समूह के कॉलेजों ने एआईसीटीई द्वारा निर्धारित 'सार्वभौमिक मानवीय मूल्य' पर वेबिनार आयोजित किया, जिससे छात्रों में नैतिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इसी प्रकार, मिज़ोरम विश्वविद्यालय ने विभिन्न शिक्षण पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया तेज़ की, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में योग्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। इन सभी पहलुओं से यह स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालयों में सीटों की भरपाई और शैक्षणिक गुणवत्ता दोनों को समान महत्व दिया जा रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय की यह नई नीति छात्रों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, क्योंकि अब वे अपने कक्षा 12 के अंक के आधार पर सीधे प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं, बिना अतिरिक्त प्रवेश परीक्षाओं की जटिलता के। साथ ही, यह कदम विश्वविद्यालय को अपनी कुल क्षमता का पूर्ण उपयोग करने में मदद करेगा, जिससे शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाया जा सकेगा। भविष्य में अन्य विश्वविद्यालयों से भी इसी प्रकार की पहल की उम्मीद की जा रही है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा का विस्तार और समावेशी बनना संभव हो सकेगा।