थाने की महिला ने जाना अपना खाता साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल, आत्महत्या
थाने के एक आवासीय इलाके में रहने वाली 38 वर्षीया महिला ने अपने बैंक खाते को कई साइबर धोखाधड़ी मामलों से जोड़ते हुए अत्यधिक घबराहट महसूस की। पुलिस के अनुसार, वह कई महीनों से अपने खाते में अनधिकृत लेन‑देनों की सूचना प्राप्त कर रही थी, परंतु यह स्पष्ट नहीं था कि ये लेन‑देन किसके द्वारा किए जा रहे थे। जब उसे पता चला कि उसका खाता पूरे भारत में चल रही वित्तीय धोखाधड़ी में उपयोग हो रहा है, तो वह मानसिक रूप से बहुत दबाव में आ गई।
इस तनाव के कारण महिला ने अपने घर के कमरे में आत्महत्या कर ली, जैसा कि स्थानीय पुलिस ने गुरुवार को बताया। यह घटना उसी समय सामने आई जब महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा को कागज़ लीक के कारण स्थगित किया गया था और जम्मू‑कश्मीर के सोपोरे में म्यूल खाता नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही थी। इन घटनाओं ने साइबर अपराध के सामाजिक प्रभाव को उजागर किया है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो अनजाने में अपराधियों के उपकरण बन जाते हैं।
पुलिस ने इस मामले में एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है और यह भी कहा है कि साइबर अपराधियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले म्यूल खातों की पहचान करने के लिए विभिन्न राज्यों के साइबर पुलिस विभागों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही, मनोवैज्ञानिक सहायता की कमी को लेकर अधिकारियों ने पीड़ितों को तुरंत काउंसलिंग प्रदान करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।