डॉलर में उछाल, मध्य पूर्व हमलों के पुनरुद्धार और हॉर्मुज की बंदी
मध्य पूर्व में हाल ही में हुए हमलों के कारण डॉलर की कीमतें बढ़ गई हैं। यह हमले महंगाई के भय और केंद्रीय बैंकों से दर बढ़ोतरी की संभावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे डॉलर की ऊपरी ओर की गति और महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं।
व्यापारी अब वर्ष-आखिर तक दो फेडरल रिजर्व दर बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। आगामी अमेरिकी महंगाई डेटा और फेड टेस्टिमनी को महत्वपूर्ण ध्यान केंद्रित करने वाले क्षेत्रों में बना रहेगा।
इस स्थिति में, डॉलर की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। इसलिए, निवेशकों को अपने निवेश को सावधानी से देखना चाहिए और अपने पोर्टफोलियो को समायोजित करना चाहिए।
स्रोत: Economic Times Markets