राज्य बैंकों को बढ़ती ऋण मांग को पूरा करने के लिए उधार में वृद्धि, जमा में गिरावट के कारण | Kashyap Sandesh
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राज्य बैंकों को बढ़ती ऋण मांग को पूरा करने के लिए उधार में वृद्धि, जमा में गिरावट के कारण

R c Nishad(साहनी) · 27 अगस्त 2026

वर्तमान में कई राज्य बैंकों ने ऋण पोर्टफ़ोलियो को विस्तारित करने के लिये बाजार से अतिरिक्त धन उधार लिया है, क्योंकि उनके जमा में वृद्धि ऋण मांग के साथ ताल नहीं मिला पा रही है। इस उधारी में वृद्धि का मुख्य कारण यह है कि उपभोक्ता और उद्योग दोनों की क्रेडिट की माँग में तेज़ी आई है, जबकि जमा की गति धीमी रही। प्रणाली में उपलब्ध उच्च तरलता ने इस अंतर को कुछ हद तक कम किया है, परन्तु दीर्घकालिक स्थिरता के लिये यह एक चुनौती बन कर उभरी है।

निजी बैंकों ने इस अवधि में जमा में अधिक गति दिखाई है और वे बाजार हिस्सेदारी में लगातार बढ़त बना रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धा के जवाब में राज्य बैंकों ने अवधि जमा पर ब्याज दरें बढ़ाकर अपने ग्राहकों को आकर्षित करने का प्रयास किया है, जिससे कुछ हद तक जमा में सुधार हुआ है, परन्तु यह उपाय अभी तक निजी बैंकों की तेज़ी को रोक नहीं पाया है। जमा में इस असंतुलन ने राज्य बैंकों को अधिक उधार लेने के लिये मजबूर किया है, जिससे उनका वित्तीय जोखिम प्रोफ़ाइल बढ़ रहा है।

वित्तीय स्थिरता के संदर्भ में यह प्रवृत्ति चिंताजनक है, क्योंकि अधिक उधारी पर निर्भरता भविष्य में ब्याज दरों में परिवर्तन या तरलता में कमी के समय जोखिम को बढ़ा सकती है। इसी प्रकार, पिछले सप्ताह के विदेश नीति संबंधी समाचार में केयर स्टारमर ने रक्षा खर्च के लिये उधारी से बचने की चेतावनी दी थी, जो दर्शाता है कि विभिन्न क्षेत्रों में उधारी के प्रति सतर्कता बढ़ रही है। इस परिप्रेक्ष्य में, राज्य बैंकों को अपनी निधि संरचना को संतुलित करने और जमा वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिये नीतिगत कदम उठाने की आवश्यकता है।

स्रोत: Economic Times Markets

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