सेबी ने दो संस्थाओं को सेन्सेक्स में हेरफेर के लिए प्रतिबंधित किया
सेबी ने कॉपथॉल मॉरिशस निवेश और मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग को सेन्सेक्स के नए क्लोज़िंग नीलामी सत्र में हेरफेर करने के आरोपों के कारण प्रतिभूति बाजार से प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। नियामक ने बताया कि 13 अगस्त को समाप्ति दिवस पर सूचकांक में अचानक और तीव्र उतार-चढ़ाव देखी गई, जिससे इन संस्थाओं को विकल्प अनुबंधों से 3.6 करोड़ रुपये से अधिक का अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। इस प्रकार की हेरफेर से निवेशकों के भरोसे को नुकसान पहुंचता है और बाजार की पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं।
यह कदम पिछले कुछ हफ्तों में सेबी द्वारा किए गए कई कड़े कदमों के साथ संगत है। 4 जून को सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स के अध्यक्ष को कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग से प्रतिबंधित किया था, जबकि 1 जुलाई को 221 संस्थाओं को पम्प‑एंड‑डम्प योजना में भाग लेने के लिए सात साल तक प्रतिबंधित किया गया। इन सभी मामलों में नियामक ने वित्तीय बाजार की स्थिरता और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कार्रवाई की है।
सेबी ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे हेरफेर को रोकने के लिए निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा। बाजार में अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों को रोकने के लिए सख्त दंड और प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे विश्वसनीय दलालों और ब्रोकरों के साथ ही लेन‑देन करें और किसी भी अनियमित गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।