सीएएस अराजकता से तरलता में गिरावट: नुवामा ने कहा अधिक भागीदारी आवश्यक
बीएसई ने हाल ही में समापन नीलामी सत्र को पुनः व्यवस्थित किया, जिसका उद्देश्य बाजार के समापन मूल्य को अधिक पारदर्शी बनाना था। परन्तु इस नई व्यवस्था में भागीदारी की कमी ने विकल्प बाजार में तरलता को पतला कर दिया, जिससे प्रीमियम वॉल्यूम में तीव्र गिरावट दर्ज हुई। नुवामा के विश्लेषकों ने बताया कि कम ट्रेडिंग सहभागिता से कीमतों में अस्थिरता बढ़ती है और निवेशकों का भरोसा घटता है।
सीएएस प्रणाली में संभावित हेरफेर के आरोपों ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया। शुरुआती भ्रम और खुदरा निवेशकों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने बाजार में अनिश्चितता को बढ़ा दिया, जिससे कई ट्रेडर अपने लेन‑देन को स्थगित कर रहे हैं। इस बीच, एआईआईएमएस भुवनेश्वर में डॉक्टर पर हुए हमले जैसी सामाजिक घटनाओं ने निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया, जिससे वे जोखिम‑भरे कदमों से बचते दिखे।
पिछले दिनों में देहरादून‑मसूरी रोड पर भारी भीड़ और मुंबई में जलभराव जैसी घटनाओं ने भी आर्थिक गतिविधियों को बाधित किया, जिससे बाजार में तरलता की कमी और अधिक स्पष्ट हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस चक्र को तोड़ने के लिए व्यापक भागीदारी और नियामक संस्थाओं की सख्त निगरानी आवश्यक है। यदि निवेशकों का विश्वास पुनः स्थापित हो जाता है और तरलता में सुधार होता है, तो ही समापन नीलामी प्रणाली को स्थिरता मिल सकेगी।