सुप्रीम कोर्ट ने 4,655 करोड़ के लीज‑रेंट नोटिस को वापस ले लिया, बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग के शेयर 14% बढ़े
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को उलटते हुए कहा कि 4,655 करोड़ रुपये की लीज‑रेंट देनदारी का कोई आधिकारिक नोटिस कंपनी को नहीं भेजा गया था और न ही यह राशि अंतिम रूप से निर्धारित हुई थी। इस निर्णय ने बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग के शेयरधारकों को राहत दी और शेयर कीमत में 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी को जन्म दिया।
पिछले कुछ हफ्तों में नियामक संस्थाओं ने कई प्रमुख कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की थी, जैसे सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स के अध्यक्ष को शेयर ट्रेडिंग से प्रतिबंधित किया और कई ब्लॉक डील में बड़े निवेशकों ने लाभ उठाते हुए शेयरों की बड़ी मात्रा बेची। इन घटनाओं ने बाजार में अस्थिरता को बढ़ाया था, परन्तु आज के न्यायिक निर्णय ने उस अस्थिरता को कम कर निवेशकों का भरोसा पुनः स्थापित किया।
किर्लोस्कर ऑयल इंजिन्स के शेयरों के रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचने के बाद, भारतीय शेयर बाजार में पुनरुत्थान की लहर स्पष्ट दिख रही है। इस माह के अंत में ब्लॉक डील में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लेन‑देन हुई, जिससे संस्थागत मांग में वृद्धि हुई। इन सभी कारकों को मिलाकर कहा जा सकता है कि आज का सुप्रीम कोर्ट का निर्णय न केवल बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग के लिए बल्कि समग्र बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।