तेल की कीमत में गिरावट और अमेरिका के इरान पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा
अमेरिका के वित्त सचिव ने सोमवार दोपहर २ बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इरान पर "इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध" लगाने की चेतावनी दी। इस घोषणा से तेल की कीमतें तेज़ी से गिरकर $93 प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मची। भारतीय शेयर बाजार में भी इस खबर के बाद नकारात्मक प्रवृत्ति देखी गई, जहाँ ऑटोमोबाइल, आईटी और सार्वजनिक बैंकिंग शेयरों में गिरावट दर्ज हुई।
पिछले कुछ हफ्तों में पश्चिमी एशिया में तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारतीय बाजार को दोधारी तलवार की तरह प्रभावित किया था। 29 जून को सेंसेक्स ने 372 अंक गिरावट दर्ज की थी, जबकि 2 जुलाई को तेल की कीमत $70 तक गिरने पर बाजार ने 400 अंक से अधिक की उछाल देखी थी। इस बार अमेरिकी प्रतिबंध की घोषणा ने निवेशकों के मन में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे जोखिम भरे सेक्टरों में बेचैनी बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी प्रतिबंध कड़े होते रहे तो तेल की कीमतें फिर से नीचे जा सकती हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों और ऊर्जा आयातकों दोनों को असर पड़ेगा। साथ ही, इस स्थिति में भारतीय शेयर बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए नीतिगत समर्थन की आवश्यकता होगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने पोर्टफोलियो को विविधित रखें और भू-राजनीतिक जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें।