आरबीआई ने एनबीएफसी से घूर्णन ऋण सुविधाओं के मसौदा नियमों पर प्रतिक्रिया मांगी
भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी गैर‑बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को घूर्णन ऋण सुविधाओं के मसौदा नियमों पर अपनी राय देने का अनुरोध किया है। इस प्रक्रिया में नियामक संस्थाओं को अनुपालन, आंतरिक ऑडिट और जोखिम प्रबंधन के मानकों को कड़ा करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। बैंक ने विशेष रूप से उभरते जोखिमों की पहचान और उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करने की सलाह दी है, जिससे वित्तीय प्रणाली की स्थिरता बनी रहे।
यह कदम हाल ही में ओडिशा सरकार द्वारा पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों के बाद सार्वजनिक प्रतिक्रिया आमंत्रित करने और भारती एयरटेल की एनबीएफसी शाखा के व्यावसायिक संचालन शुरू होने जैसी घटनाओं के साथ तालमेल रखता है। इन सभी घटनाओं ने वित्तीय और सामाजिक क्षेत्रों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को उजागर किया है, जिससे नियामक संस्थाओं को सख्त नियमों की आवश्यकता महसूस हुई।
जम्मू और कश्मीर के सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा गृह मंत्रालय के प्रश्नों के उत्तर में मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया भी इस संदर्भ में उल्लेखनीय है। इस प्रकार, विभिन्न राज्यों में नियामक सुधार और सार्वजनिक सहभागिता के प्रयासों को देखते हुए, आरबीआई का यह पहल वित्तीय संस्थानों को बेहतर जोखिम प्रबंधन और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में प्रेरित करेगा।