बीआरएस ने नर्सम्पेट के पूर्व विधायक पेड्डी सुधरन रेड्डी की प्रतिमा के ध्वंस की निंदा की
तेलंगाना के प्रमुख दल बीआरएस ने नर्सम्पेट के पूर्व विधायक पेड्डी सुधरन रेड्डी की प्रतिमा के ध्वंस को निंदा करते हुए कहा कि यह कार्य निजी संपत्ति से बिना किसी सूचना के किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि प्रतिमा को चौबीस घंटे के भीतर पुनर्स्थापित किया जाए, अन्यथा गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इस प्रकार की कार्रवाई न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक शांति को भी खतरे में डालती है।
बीआरएस ने इस घटना को हाल ही में वाराणसी में दल मंडी के पास मस्जिद ध्वंस और पाकिस्तान में गुरुद्वारा के निंदनीय ध्वंस जैसी घटनाओं से जोड़ते हुए बताया कि देश में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी आवश्यक है। वाराणसी में भारी सुरक्षा के बावजूद हुई ध्वंस की घटनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता उत्पन्न की थी, और इस संदर्भ में बीआरएस ने कहा कि किसी भी प्रकार की बिनाअधिकार संपत्ति का विनाश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इस बीच, ओडिशा के गंजाम जिले में एक गरीब परिवार की कहानी भी सामने आई है, जहाँ तीन साल से बिस्तर पर पड़े व्यक्ति के परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस सामाजिक पृष्ठभूमि को देखते हुए बीआरएस ने कहा कि सामाजिक असमानता और आर्थिक तंगी के बीच ऐसे सांस्कृतिक ध्वंस कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रतिमा के पुनर्स्थापन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जीवन स्थितियों में सुधार के लिए भी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।