बाढ़-ग्रस्त नेपाल में फँसे महाराष्ट्रियों का सुरक्षित वापसी
नेपाल में तेज़ बाढ़ के कारण कई महाराष्ट्र के नागरिक फँस गए थे, जिनमें से अधिकांश परिवारों के साथ थे। राज्य सरकार ने तुरंत आपातकालीन टीमों को तैनात किया और भारत-नेपाल सीमा पर विशेष प्रवासी केंद्र स्थापित किया, जहाँ से उन्हें सुरक्षित रूप से भारत लाया गया। इस दौरान, स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मिलकर भोजन, चिकित्सा सहायता और आवास की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने इस सफल बचाव कार्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मामलों के मंत्री एस. जयशंकर के सहयोग को सराहा, यह कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और त्वरित निर्णय लेने से ही ऐसी आपदाओं में लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए अधिक सुदृढ़ योजना बनाने का वचन दिया।
यह घटना पिछले कुछ हफ्तों में हुई कई यात्रियों की सुरक्षा संबंधी घटनाओं की पृष्ठभूमि में आती है, जैसे कि अंगल में बस में आग लगना और हैदराबाद-राजस्थान मार्ग पर निजी बस का जब्ती होना। इन घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियमों और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता को उजागर किया है। अब सरकार इन सबको ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा दोनों में सुधार के कदम उठा रही है।