हाइडराबाद: मुसि नदी किनारे विकास परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी पर सवाल | Kashyap Sandesh
तेलंगाना

हाइडराबाद: मुसि नदी किनारे विकास परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी पर सवाल

R c Nishad(साहनी) · 19 अगस्त 2026

मुसि जन आंदोलन और कई सिविल सोसाइटी समूहों ने मुसि नदी किनारे विकास परियोजना को मिली पर्यावरणीय मंजूरी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। वे तर्क देते हैं कि पारिस्थितिक तंत्र पर संभावित प्रभाव, बाढ़ जोखिम और विस्थापित लोगों की सटीक संख्या का आकलन पर्याप्त रूप से नहीं किया गया। इस संदर्भ में, 27 जून 2026 को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा परियोजना की समीक्षा के दौरान इन मुद्दों को उजागर किया गया था, जिससे सार्वजनिक चर्चा में नई ऊर्जा आई।

केवल पर्यावरणीय पहलुओं ही नहीं, बल्कि सामाजिक प्रभावों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। 2 जुलाई 2026 को तेलंगाना कैबिनेट ने मुसि पुनरुद्धार परियोजना के प्रथम चरण के लिए 7,345 करोड़ रुपये के टेंडर को मंजूरी दी, जिसमें 21 किलोमीटर की दूरी को कवर किया गया। इस निर्णय के बावजूद, कई विशेषज्ञों का मानना है कि मंजूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और स्थानीय समुदायों को पर्याप्त परामर्श नहीं दिया गया।

इसी दौरान, हाइडराबाद बर्ड एटलस ने भी 4 जुलाई से घर कावों की जनसंख्या पर सर्वेक्षण शुरू किया, जिससे शहर में जैव विविधता की स्थिति पर नई रोशनी पड़ी। यह सर्वेक्षण पर्यावरणीय संतुलन को समझने में मदद करेगा और मुसि नदी किनारे विकास के संभावित प्रभावों को मापने का एक महत्वपूर्ण उपकरण बन सकता है। इन सभी पहलुओं को मिलाकर, पर्यावरणीय मंजूरी की वैधता पर व्यापक और वैज्ञानिक चर्चा की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।

स्रोत: Telangana Today

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