हैदराबाद के स्टैनली महिला अभियांत्रिकी संस्थान ने प्रथम वर्ष छात्रों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया
स्टैनली महिला अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद ने अपने प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उद्योग के अनुभवी नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटरीकरण और कौशल विकास के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया, जिससे छात्रों को भविष्य के रोजगार बाजार की दिशा समझ में आए। कार्यक्रम में छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दी गई, जो एआईसीटीई द्वारा आयोजित "सार्वभौमिक मानव मूल्य" ओरिएंटेशन से प्रेरित थी।
पिछले कुछ हफ्तों में शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न घटनाओं ने सुरक्षा और समग्र विकास के महत्व को दोहराया है। थ्रीसूर मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष छात्र की गिरकर मृत्यु ने छात्रावास सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाए, जबकि गैंडरबल के सरकारी कॉलेज ने वार्षिक रोड रेस के माध्यम से शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया। इन घटनाओं के प्रकाश में स्टैनली ने अपने छात्रों को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए।
अभिमुखीकरण के दौरान छात्रों को टीम कार्य, संवाद कौशल और नवाचार की भावना को विकसित करने के लिए कार्यशालाएँ दी गईं। उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि भविष्य में केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्या समाधान और रचनात्मक सोच की भी आवश्यकता होगी। इस प्रकार, स्टैनली ने अपने छात्रों को न केवल अभियांत्रिकी के तकनीकी पहलुओं में बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और व्यक्तिगत विकास में भी सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा है।