जलवायु परिवर्तन से एल नीनो की तीव्रता बढ़ी, अध्ययन में उजागर
वैज्ञानिकों की एक नई शोध रिपोर्ट ने बताया कि एल नीनो की तीव्रता अब औद्योगिक युग की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक है, और यह वृद्धि हाल के दशकों में तेज़ी से बढ़ी है। अध्ययन के अनुसार, पृथ्वी के तापमान में निरंतर वृद्धि के कारण समुद्र की सतह का तापमान भी बढ़ रहा है, जिससे एल नीनो की शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। यह परिवर्तन वैश्विक मौसम प्रणाली को प्रभावित कर रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में असामान्य गर्मी और वर्षा की कमी हो रही है।
इंग्लैंड में हाल ही में जून का महीना रिकॉर्ड गर्मी के साथ समाप्त हुआ, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव स्पष्ट हो गए। प्रमुख वैज्ञानिकों ने कहा कि ऐसी तीव्र गर्मी की लहरें अब अधिक बार और अधिक गंभीर रूप में सामने आएँगी, जो एल नीनो की बढ़ती शक्ति से जुड़ी हो सकती हैं। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वीप राष्ट्रों पर जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों को उजागर किया, जहाँ समुद्र स्तर में वृद्धि और असामान्य मौसम पैटर्न से जीवनयापन कठिन हो रहा है।
यूके में किसानों ने सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि वे मानते हैं कि बढ़ते एल नीनो से कृषि उत्पादन में गिरावट और खाद्य कीमतों में उछाल आ सकता है। इस संदर्भ में विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण एल नीनो की तीव्रता में वृद्धि से मौसमी बारिश में कमी, सूखे की संभावना और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसलिए, नीति निर्माताओं को जलवायु अनुकूलन उपायों को तेज़ी से लागू करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता बनी रहे।