ज्योति यर्राजी ने 13.24 सेकंड में कांस्य पदक और एशियन खेल क्वालिफिकेशन हासिल किया
भुवनेश्वर में आयोजित विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय दौड़ में ज्योति यर्राजी ने 100 मीटर हर्डल्स में 13.24 सेकंड का समय कर कांस्य पदक जीता। यह समय न केवल उन्हें एशियन खेलों के लिए क्वालिफाई कराता है, बल्कि उनके पुनरागमन की कहानी को और भी प्रेरणादायक बनाता है। एसीएल सर्जरी के बाद उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस प्रतियोगिता में शानदार वापसी की, जिससे देश के एथलेटिक्स प्रेमियों में उत्साह का संचार हुआ।
पिछले कुछ हफ्तों में यर्राजी ने कई महत्वपूर्ण चरण पार किए हैं। 24 जून को उन्होंने एसीएल सर्जरी के बाद 13.14 सेकंड की तेज़ी से एशियन खेल क्वालिफिकेशन राउंड में राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया था। इसके बाद 2 जुलाई को विज़ाखापट्टनम में सिंथेटिक ट्रैक की मांग को लेकर एथलेटिक्स अधिकारियों ने उनकी सफलता को प्रेरणा के रूप में उद्धृत किया। इन सभी घटनाओं ने उनके आत्मविश्वास को और दृढ़ किया, जिससे उन्होंने इस बार भी उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन किया।
ज्योति की इस जीत को एथलेटिक्स संघ ने सराहा और भविष्य में और अधिक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की आशा जताई। साथ ही, निरज चोपड़ा के एशियन खेल में जावेलिन खिताब की रक्षा की पुष्टि के साथ, भारतीय खेल जगत में कई सितारे एक साथ चमकने की तैयारी में हैं। इस प्रकार, यर्राजी की कांस्य पदक जीत न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी बन गई है।