मंचेरियल के गोडावरी स्नानस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी से भक्तों को खतरा
मंचेरियल के गोडावरी स्नानस्थलों पर हर साल हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए आते हैं, परन्तु इन स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं की अनुपस्थिति ने उन्हें असहज और जोखिमपूर्ण बना दिया है। पानी के किनारे कोई शौचालय नहीं है, पीने के लिए शुद्ध जल की व्यवस्था नहीं है और बदलने के कक्ष भी नहीं हैं, जिससे विशेषकर महिलाओं और बच्चों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, सुरक्षा गार्डों या लाइफगार्डों की कमी के कारण डुबकी का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई बार दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ भी घटी हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में ओडिशा के भुवनेश्वर में सौर ऊर्जा से चलने वाले बेंच स्थापित किए गए, जिससे सतत सार्वजनिक सुविधाओं के महत्व को उजागर किया गया। इसी प्रकार, ओडिशा सरकार को हाल ही में पाठ्यपुस्तक त्रुटि के कारण जांच का सामना करना पड़ा, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ा। इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि यदि उचित योजना और निगरानी के साथ कार्य किया जाए तो मंचेरियल में भी समान स्तर की सुविधाएँ प्रदान की जा सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन को तुरंत बदलने के कक्ष, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और लाइफगार्ड की तैनाती जैसे बुनियादी उपायों को लागू करना चाहिए। साथ ही, जल निकासी और सुरक्षा बाड़ों की स्थापना से डुबकी के जोखिम को कम किया जा सकता है। राजनीतिक प्रतिनिधियों, जैसे प्रदेश के प्रमुख और स्थानीय विधायक, को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और बजट आवंटन को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि भक्तजन सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में अपने धार्मिक कर्तव्य का निर्वाह कर सकें।