रुपया २६ पैसे बढ़कर ९५.४४ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले
रुपया मंगलवार को २६ पैसे की बढ़ोतरी कर ९५.४४ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर बंद हुआ, जिससे घरेलू शेयर बाजार में उछाल और डॉलर के कमजोर होने का समर्थन मिला। इस सुधार में गिरते तेल मूल्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक की संभावित हस्तक्षेप की उम्मीदें निवेशकों को आश्वस्त कर रही थीं।
पिछले हफ्ते के दौरान, भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने रुपये को दबाव में रखा था; २९ जून को ९ पैसे की गिरावट और ३० जून को ५ पैसे की गिरावट देखी गई थी। इन घटनाओं ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी थी, परन्तु आज के सत्र में जोखिम‑ऑफ़ भावना में कमी ने इसे पुनः सुदृढ़ किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतें और भारतीय रिज़र्व बैंक की नीतियां ही प्रमुख कारक बनी रहेंगी। यदि तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और बैंक आवश्यकतानुसार बाजार में हस्तक्षेप करता है, तो रुपया आगे भी मजबूती दिखा सकता है। अन्यथा, वैश्विक आर्थिक माहौल में बदलाव से फिर से दबाव आ सकता है।