सजद लोन ने राहुल गांधी की कश्मीर पेललेट पीड़ितों पर चुप्पी पर सवाल उठाए
सजद लोन, जम्मू कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हैंडवारा के विधायक, पिछले कुछ हफ्तों में कई महत्वपूर्ण बयानों के माध्यम से अपनी राजनीतिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने २८ जून को आउटसोर्सिंग से जुड़े तथ्यों को एक हफ्ते में सार्वजनिक करने का वचन दिया, तथा ३० जून को अंसारी परिवार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। इन घटनाओं ने उनके समर्थकों में यह विश्वास उत्पन्न किया कि वह कश्मीर के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
इस संदर्भ में, लोन ने राहुल गांधी को एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने दिल्ली में पेललेट चोट के मामले में गांधी जी की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने दिल्ली में पीड़ित के लिए एफआईआर दर्ज कराने में मदद की, पर कश्मीर में हजारों पेललेट पीड़ितों के प्रति उनकी चुप्पी अस्वीकार्य है। लोन ने इस बात को उजागर किया कि कश्मीर में पेललेट गोलीबारी से कई नागरिक घायल हुए हैं, और उनका इलाज व न्याय अभी भी अधूरा है।
यह पत्र कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों को राष्ट्रीय स्तर पर पुनः चर्चा में लाने का एक प्रयास है। लोन ने कहा कि यदि कांग्रेस को कश्मीर के लोगों की वास्तविक समस्याओं से जुड़ना है, तो उन्हें इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। इस कदम से राजनीतिक दलों के बीच कश्मीर नीति पर नई बहस की संभावना बढ़ गई है, और यह देखना बाकी है कि राहुल गांधी इस चुनौती का कैसे सामना करेंगे।