स्रिनिवास गौड़ ने तेलंगाना सरकार पर टुंगभद्रा जल हिस्से की सुरक्षा में विफलता का आरोप
पूर्व मंत्री वी. स्रिनिवास गौड़ ने तेलंगाना सरकार पर टुंगभद्रा नदी के जल हिस्से को सुरक्षित करने में असफल रहने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने जल अधिकार को प्राप्त करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए और इससे किसानों की फसल‑उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस संदर्भ में उन्होंने आंध्र प्रदेश के वेलिगोंडा जल परियोजना के उद्घाटन का भी विरोध किया, क्योंकि यह परियोजना टुंगभद्रा जल के वितरण में असंतुलन पैदा कर सकती है।
बीआरएस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाया है। उन्होंने कन्नेपल्ली पंपों और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के शीघ्र संचालन की मांग की, जिससे जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और किसानों को पर्याप्त सिंचाई मिल सके। इन मांगों में जल‑संधारण, जल‑स्रोत संरक्षण और जल‑वितरण के पारदर्शी तंत्र की भी आवश्यकता पर बल दिया गया है।
यह विवाद जल संसाधन के न्यायसंगत वितरण और राज्य‑राज्य संबंधों को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है। पिछले महीनों में जल‑संबंधी कई मुद्दों पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच तनाव बढ़ा था, जिसमें टुंगभद्रा जल के हिस्से को लेकर दोनों राज्यों के बीच कई वार्तालाप हुए थे। अब स्रिनिवास गौड़ और उनके सहयोगियों की आवाज़ें इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे जल‑नीति में सुधार की संभावनाएँ उत्पन्न हो सकती हैं।