तेह्रीक मुस्लिम शब्बान ने तेलंगाना वक्फ बोर्ड की आय‑व्यय में पारदर्शिता की माँग की
तेह्रीक मुस्लिम शब्बान के प्रमुख मोहम्मद मुश्ताक मलिक ने तेलंगाना वक्फ बोर्ड से स्पष्ट और पारदर्शी लेखा‑जाँच की माँग की है। उन्होंने बोर्ड को अनुरोध किया कि वह अपनी आय‑व्यय की विस्तृत रिपोर्ट, ऑडिटेड खातों और प्रमुख वक्फ संपत्तियों की सूची सार्वजनिक करे, जिससे जनता को भरोसा मिले और भ्रष्टाचार के अवसर कम हों। इस मांग के साथ उन्होंने नियमित बैठकों और प्रकाशित निर्णयों की भी आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वक्फ की हर लेन‑देन पर निगरानी बनी रहे।
यह मांग वर्तमान सामाजिक‑धार्मिक माहौल में विशेष महत्व रखती है। पिछले कुछ हफ्तों में कराची में आतंकवादी हमले, जहाँ कई सैनिक और आतंकवादी मारे गए, ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया था। वहीं केरल में एक मुस्लिम पंचायत सदस्य ने हिन्दू रोगी की अन्त्येष्टि की जिम्मेदारी ली, जिससे धार्मिक सहिष्णुता की नई मिसाल कायम हुई। इसी प्रकार ओडिशा के केन्दरापड़ा में २७ वर्षों तक मुस्लिम भक्त ने भगवान बलदेवजी के रथ को संभाला, यह दर्शाता है कि विभिन्न धर्मों के बीच सहयोग और सम्मान की परम्परा जीवित है।
इन घटनाओं के प्रकाश में तेलंगाना वक्फ बोर्ड की पारदर्शिता न केवल वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करेगी, बल्कि सामाजिक एकता को भी प्रोत्साहित करेगी। जब वक्फ की आय‑व्यय सार्वजनिक होगी, तो धर्मार्थ कार्यों में विश्वास बढ़ेगा और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग की भावना को नई दिशा मिलेगी। इस प्रकार, तेह्रीक मुस्लिम शब्बान की यह पहल न केवल वित्तीय जवाबदेही की मांग है, बल्कि एक समावेशी और शांतिपूर्ण समाज की दिशा में एक कदम भी है।