तेलंगाना के किसानों पर बिजली की कमी, प्रदर्शन कई जिलों में फैलते
तेलंगाना के विभिन्न जिलों में किसान अब बिजली के अभाव को लेकर सड़कों पर कब्ज़ा कर रहे हैं और विद्युत सबस्टेशन के सामने धरना दे रहे हैं। वानाकाल के दौरान पर्याप्त जल उपलब्धता न होने के कारण किसान जल निकासी के लिए बोरवेल और पंप सेटों पर निर्भर होते हैं, परन्तु लगातार घटती बिजली आपूर्ति ने इन उपकरणों को चलाना कठिन बना दिया है। इस कारण फसलों की सिंचाई में बाधा उत्पन्न हो रही है और फसल क्षति का जोखिम बढ़ रहा है।
पिछले कुछ हफ्तों में ऊर्जा क्षेत्र में कई वित्तीय और तकनीकी समस्याएँ सामने आई हैं। ओडिशा में टाटा पावर को राज्य सरकार से बकाया बिलों की बड़ी राशि का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वितरण कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी प्रकार, गोवा में बिजली टैरिफ पर सार्वजनिक चर्चा ने दिखाया कि कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर बिजली नहीं मिल पा रही है। इन घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता को प्रभावित किया है, जो तेलंगाना के किसानों की वर्तमान समस्या से जुड़ी हुई है।
इन चुनौतियों के मद्देनज़र, किसान संघों ने सरकार से तत्काल उपायों की मांग की है। वे चाहते हैं कि राज्य सरकार आपूर्ति में सुधार करे, विशेषकर कृषि उपयोग के लिए निर्धारित समय में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराए। साथ ही, वे ऊर्जा विभाग से अनुरोध कर रहे हैं कि बिजली कटौती के कारणों की विस्तृत जांच कर, भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए नीतिगत सुधार लागू किए जाएँ। यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है और कृषि उत्पादन पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।