व्हाट्सएप स्कैम अलर्ट फीचर का परीक्षण शुरू, धोखाधड़ी रोकने की नई पहल
व्हाट्सएप ने हाल ही में अपने स्कैम अलर्ट फीचर को चुनिंदा एंड्रॉइड बीटा उपयोगकर्ताओं के लिए परीक्षण के रूप में जारी किया है। यह सुविधा ऑन‑डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल पर आधारित है, जो बिना किसी बाहरी सर्वर के संदेशों का विश्लेषण करती है और संभावित धोखाधड़ी वाले संदेशों को चिन्हित करती है। उपयोगकर्ता को ऐसे संदेशों को भरोसा करने, ब्लॉक करने या रिपोर्ट करने का विकल्प मिलता है, जिससे व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा बनी रहती है।
भारत सरकार ने पहले ही इस फीचर के संभावित जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी करने की संभावना जताई थी, और केंद्र ने मेटा को इस सुविधा को रोकने का निर्देश दिया था। पिछले दिनों जारी किए गए नोटिस में धोखाधड़ी और पहचान चोरी के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए विस्तृत परामर्श की आवश्यकता पर बल दिया गया था। इस संदर्भ में, स्कैम अलर्ट फीचर का परीक्षण सरकार की चिंताओं को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यदि यह सुविधा सफलतापूर्वक लागू हो जाती है, तो यह न केवल भारत में बल्कि विशेष रूप से तेलंगाना राज्य में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को साइबर अपराधों से बचाने में मदद करेगी। उपयोगकर्ता को संदेशों की सामग्री अपने डिवाइस पर ही रखने का विकल्प मिलने से गोपनीयता भी सुनिश्चित होती है। इस प्रकार, व्हाट्सएप का यह नया कदम डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक दिशा दर्शाता है, जबकि नियामक निकायों के साथ सहयोग को भी सुदृढ़ करता है।