भारतीय मौसम विभाग ने आज जारी किए गए मौसम पूर्वानुमान में बताया कि तमिलनाडु तट के साथ-साथ दक्षिण‑पश्चिम बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र सतह से सात दशमलव छह किलोमीटर तक की ऊँचाई तक फैला हुआ है। इस परिसंचरण के कारण आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई जिलों में अगले दो दिनों तक निरंतर बारिश की संभावना है, जिससे जल स्तर में वृद्धि और नदियों के जलप्रवाह में तेज़ी आ सकती है।
पिछले सप्ताह दिल्ली में तेज़ बारिश और तेज़ हवाओं ने लोगों को असुविधा में डाल दिया था, और उसी प्रकार के मौसमी बदलावों ने अन्य राज्यों में भी जलसंकट की स्थिति को उजागर किया है। तेलंगाना में हाल ही में आयोजित होने वाले किसान सभा को भी भारी बारिश के कारण स्थगित करना पड़ा था, जिससे इस क्षेत्र में कृषि कार्यों पर असर पड़ रहा है। अब मौसम विभाग ने किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए उचित उपाय अपनाने और जल निकासी के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि बारिश की मात्रा अधिक हो गई तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन को जल निकासी की व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए। साथ ही, नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और आवश्यक आपातकालीन साधनों की जानकारी रखने का निर्देश दिया गया है। इस प्रकार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आने वाली बरसात कृषि क्षेत्र के लिए वरदान हो सकती है, परन्तु इसके साथ ही सतर्कता और तैयारी भी आवश्यक है।

