डिएससी 2025 की भर्ती प्रक्रिया में irregularities के आरोपों पर यश राजेन्द्र जगर ने टीडीपी‑नेतृत्व वाली सरकार पर सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करके आलोचना को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कदम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है और जनता को सच्चाई से वंचित करता है। इस संदर्भ में उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में गड़े साई कृष्णा की हिरासत में मृत्यु और क्रांति कुमार की आत्महत्या को सरकार की नीतियों की विफलता के रूप में उजागर किया।

जगर ने सीबीआई की स्वतंत्र जांच की माँग की और शिक्षा मंत्री लोकेश के तत्काल इस्तीफ़े की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखायी गई तो सरकार की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठेंगे। इस मांग को उन्होंने अपने 'माविगन' एजेंडा के साथ जोड़ा, जो अमरावती राजधानी परियोजना के विकल्प के रूप में लागत‑प्रभावी विकास मॉडल प्रस्तुत करता है।

राजनीतिक माहौल में यह विवाद आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्व ले रहा है। जगर ने इस मुद्दे को अपने चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाते हुए कहा कि वह सरकार की नीतियों को जनता के सामने लाएगा और 'माविगन' को विकास का नया मार्ग प्रस्तुत करेगा। इस प्रकार डिएससी भर्ती विवाद न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग है, बल्कि आंध्र प्रदेश की भविष्य की दिशा को लेकर एक व्यापक राजनीतिक संघर्ष का रूप ले रहा है।