एपीएसपीडीसीएल ने अपने नौ जिलों में 1.31 लाख अनुसूचित जाति‑अनुसूचित जनजाति परिवारों के घरों में छत‑स्थ सौर पैनल स्थापित कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इनमें से 1.01 लाख पैनल पहले ही विद्युत ग्रिड से जुड़ चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार तेज़ी से हो रहा है। यह पहल राज्य सरकार की स्वच्छ ऊर्जा नीति और राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे हरित ऊर्जा कार्यक्रमों के साथ तालमेल रखती है।

कमांडेंट इंचेज़ सिवा शंकर लोथेती ने फील्ड कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि बकाया छत‑स्थ सौर इंस्टॉलेशन को शीघ्रता से पूरा किया जाए और पीएम‑कुसुम योजना के तहत फीडर‑स्तर सौरकरण को तेज़ किया जाए। उनका लक्ष्य किसानों को दिन के नौ घंटे विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराना है, जिससे कृषि उत्पादन में सुधार और ऊर्जा लागत में कमी आएगी। इस दिशा में किए जा रहे कार्यों से ग्रामीण electrification की गति और भी तेज़ होगी।

भुवनेश्वर में स्थापित सौर‑स्मार्ट बेंच और सिकंदराबाद में सौर‑संचालित सीसीटीवी कैमरों जैसी सफल परियोजनाओं से यह स्पष्ट होता है कि सौर ऊर्जा के विविध उपयोगों से सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हो रहा है। एपीएसपीडीसीएल की इस नई पहल से न केवल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होगा। अंततः, यह कदम राज्य के सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।