आंध्र प्रदेश के एक प्रमुख जिले में लगातार बढ़ते सूखे और सुपर एल नीनो के प्रभाव से जल‑संकट गहरा हो गया है। इस पर कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया कि उपलब्ध जल को केवल मानव पीने और 14 लाख पशुधन की आवश्यकताओं के लिये ही सुरक्षित रखा जाए, जबकि किसी भी प्रकार की अनधिकृत सिंचाई को सख्ती से प्रतिबंधित किया जाए। यह कदम जल‑संकट की वास्तविकता को किसानों तक पहुँचाने और उन्हें सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पिछले महीने अदिलाबाद में सोयाबीन किसानों ने तेजस्वी ब्रांड के बीजों की खराब अंकुरण के कारण मुआवजे की मांग की थी, जिससे कृषि क्षेत्र में जल‑संकट के साथ-साथ बीज‑गुणवत्ता की समस्याएँ भी उभर कर सामने आईं। कलेक्टर ने कहा कि जल‑संसाधन का उचित प्रबंधन ही किसानों को इस कठिन समय में स्थिरता प्रदान कर सकता है, और अनावश्यक जल‑उपयोग से बचना आवश्यक है।
इसी बीच, मनोरंजन जगत में स्पेंसर प्रैट की मेयर पद की विफलता और राम्या कृष्णन द्वारा टेलीविजन पर नई डेटिंग शो की शुरुआत जैसी खबरें भी चर्चा में हैं, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में जल‑संकट का मुद्दा अधिक गंभीर है। कलेक्टर ने सभी स्थानीय निकायों से अपील की है कि वे जल‑संकट के प्रति संवेदनशील रहें, जल‑स्रोतों का संरक्षण करें और किसानों को वैकल्पिक जल‑स्रोतों की जानकारी प्रदान करें, ताकि इस आपदा से निपटा जा सके।

