आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री लोकेश ने अपने उंदवली आवास में स्कूल शिक्षा और इंटरमीडिएट शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि पिछले वर्ष शुरू किए गए शैक्षिक कार्यक्रम ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि अब राज्य ने पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सितम्बर 2027 को अंतिम तिथि निर्धारित की है। इस दिशा में कई नई नीतियों को लागू किया गया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार और डिजिटल शिक्षण सामग्री का वितरण शामिल है।

इस घोषणा के साथ ही सरकार ने पिछले महीने जारी किए गए 4,102 करोड़ रुपये के जनगणना निधि को शिक्षा क्षेत्र में पुनः आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है। यह निधि पहले जनगणना की तैयारी के लिए निर्धारित थी, पर अब इसे शैक्षिक सर्वेक्षण, स्कूल निर्माण और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उपयोग किया जाएगा। इस कदम से न केवल साक्षरता दर में वृद्धि होगी, बल्कि सामाजिक-आर्थिक डेटा के आधार पर लक्षित शैक्षिक हस्तक्षेप भी संभव हो पाएंगे।

साथ ही, राज्य ने आगामी गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया को भी शिक्षा के साथ जोड़ते हुए छात्रों को तकनीकी और व्यावसायिक कौशल में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। इस पहल से युवा वर्ग को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे साक्षरता के साथ-साथ कौशल विकास भी सुनिश्चित होगा। इन सभी प्रयासों को सफल बनाने के लिए लोकेश ने सभी विभागीय अधिकारियों से सहयोग और कड़ी मेहनत की अपील की है।