जिला अधिकारी, एसपी डी नरसिम्हा किशोर और संयुक्त संग्रहकर्ता व मेघा स्वरूप ने शनिवार को कोटिलिंगला घाट, श्री उमा कोटिलिंगेश्वर स्वामी मंदिर, लूथरगिरी और कला महाविद्यालय के आसपास का निरीक्षण किया। उन्होंने भीड़ के प्रवाह को सुगम बनाने हेतु अतिरिक्त सुरक्षा बिंदु स्थापित करने और सूचना बोर्ड लगाने का प्रस्ताव रखा। इस निरीक्षण में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की राय भी ली गई, जिससे योजना में सामाजिक पहलुओं को सम्मिलित किया गया।

पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मानसून के तेज़ी से आने की चेतावनी जारी की थी, जिससे कई क्षेत्रों में जल निकासी और भीड़ नियंत्रण की चुनौतियां बढ़ गईं। इसी संदर्भ में, सरकार ने महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में टेलरिंग ट्रेड के प्रशिक्षण को तेज़ किया, जिससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिले और भीड़ के प्रबंधन में अतिरिक्त सहयोग मिला। इन सभी पहलुओं को मिलाकर प्रशासन ने पुश्करम के दौरान संभावित भीड़भाड़ को रोकने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है।

अमरनाथ यात्रा में सीआरपीएफ द्वारा रात्री गश्त को बढ़ाया गया था, जिससे सुरक्षा का नया मानक स्थापित हुआ। इस अनुभव को पुश्करम में भी लागू किया गया, जहाँ रात्री समय में भीड़ के नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किए गए। साथ ही, स्थानीय स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त टीमों को भेजा गया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान किया जा सके। इस प्रकार, विभिन्न क्षेत्रों के सफल उपायों को सम्मिलित कर पुश्करम में भीड़ प्रबंधन को एक नई दिशा दी गई है।