आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एसपीए द्वारा आयोजित दो दिवसीय उत्सव में भारत की मंदिर वास्तुकला, कला और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने युवा वास्तुकारों से नवाचारी और टिकाऊ डिजाइन समाधानों के लिए प्राचीन मंदिरों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।
उत्सव में भारत के विभिन्न हिस्सों से आए वास्तुकारों, कलाकारों और सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने भारत की मंदिर वास्तुकला की विविधता और समृद्धि को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न प्रदर्शनियों और कार्यक्रमों में भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि प्राचीन मंदिरों में निहित वास्तुकला और डिजाइन की बारीकियों को समझने से युवा वास्तुकारों को नवाचारी और टिकाऊ डिजाइन समाधानों के लिए प्रेरणा मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मंदिर विरासत का संरक्षण और संवर्धन करना हमारी सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
उत्सव के दौरान, विभिन्न प्रदर्शनियों और कार्यक्रमों में भारत की मंदिर वास्तुकला की विविधता और समृद्धि को प्रदर्शित किया गया। उत्सव में भाग लेने वाले लोगों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने का अवसर प्राप्त किया।

