आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी के बीच येसआरसीपी ने राज्य निर्वाचन आयोग से विशेष तीव्र पुनरावलोकन (एसआईआर) के अंतिम मतसूची तैयार होने के बाद ही मतदान प्रक्रिया आरंभ करने का आग्रह किया। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि चुनाव की वैधता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सटीक और अद्यतन सूची ही विश्वसनीय चुनाव का आधार है। इस मांग के साथ येसआरसीपी ने यह भी संकेत दिया कि यदि एसआईआर के बाद भी सूची में अनियमितताएँ पाई गईं तो वे कानूनी कार्रवाई करने को तैयार हैं।
पिछले कुछ हफ्तों में राज्य की राजनीति में कई उथल-पुथल देखी गई। टिडीपी ने येसआरसीपी के प्रदर्शन को ‘नियुक्त आंदोलन’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह सरकार को अस्थिर करने का एक रणनीतिक कदम है। इसी दौरान ओडिशा में लगातार बारिश के कारण जलजमाव की आशंका बढ़ी और सभी शहरी निकायों को उच्च सतर्कता पर रखा गया, जिससे शहरी प्रशासन की चुनौतियों का स्पष्ट चित्र सामने आया। इन घटनाओं ने चुनावी माहौल को और अधिक जटिल बना दिया है।
येसआरसीपी की इस मांग का समर्थन कई नागरिक अधिकार संगठनों ने भी किया है, जिन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रीढ़ है। यदि एसईसी इस अनुरोध को मानता है तो यह न केवल चुनाव की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में समान विवादों से बचाव भी करेगा। इस प्रकार, शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना आवश्यक है।

