कश्यप सन्देश

24 May 2026

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देश और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को मिले मुफ्त शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा की सुविधा


उत्तर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक और उनके परिवार को बेहतर जीवन का अधिकार है। राज्य सरकार को चाहिए कि गरीब, मजदूर, किसान, पिछड़े, वंचित एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
इसी प्रकार प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज, दवाइयों, जांचों और ऑपरेशन की व्यवस्था पूरी तरह निशुल्क हो, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षित और स्वस्थ होगा, तभी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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आर.सी.निषाद — संपादक
कश्यप संदेश अख़बार, परिवार कानपुर

नागालैंड ने जीता सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार बागवानी के क्षेत्र में

नई दिल्ली – नागालैंड को प्रतिष्ठित कृषि नेतृत्व पुरस्कार 2024 में बागवानी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य का खिताब मिला है। यह पुरस्कार राज्य को बागवानी विकास के लिए नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों और नीतियों को लागू करने के लिए दिया गया है, जिसने राज्य के किसानों और ग्रामीण लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

नागालैंड की महिला संसाधन विकास और बागवानी मंत्री, सालहौतूनुओ क्रूज़ ने कल शाम नई दिल्ली में आयोजित 15वें कृषि नेतृत्व सम्मेलन में यह पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, शिवराज सिंह चौहान भी उपस्थित थे।

वार्षिक पुरस्कारों की शुरुआत 2008 में भारतीय कृषि के विकास और ग्रामीण समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों की उत्कृष्टता और नेतृत्व को पहचानने के लिए की गई थी। यह पुरस्कार उन प्रयासों को मान्यता देने के लिए दिए जाते हैं जो कृषि, पशुधन, सामाजिक और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं।

नागालैंड ने तीन बागवानी फसलों, अर्थात् नागा मिर्च, नागा ट्री टोमाटो और नागा स्वीट कुकुम्बर के लिए जी.आई. पंजीकरण प्राप्त किया है। बागवानी विभाग ने 13 एफपीसी के गठन को भी प्रोत्साहित किया है और अब तक 6800 हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक प्रमाणन के तहत लाया गया है।

इस उपलब्धि ने न केवल राज्य के बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि किसानों और ग्रामीण समुदायों को भी सशक्त बनाया है।

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