गुवाहाटी: भूमि अधिकार यूथा संघर्ष समिति (संयुक्त कार्रवाई समिति भूमि अधिकार) ने रविवार को स्वदेशी और भूमि अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की गिरफ्तारी की निंदा की, आरोप लगाया कि असम सरकार राज्य भर में भूमि अधिकार आंदोलन का नेतृत्व करने वाले नेताओं को निशाना बना रही है। एक बयान में, समिति ने डोले की तत्काल रिहाई की मांग की और सरकार से अपील की।

समिति ने कहा कि डोले की गिरफ्तारी असम सरकार की ओर से कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की एक और कोशिश है। समिति ने कहा कि सरकार भूमि अधिकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।

समिति ने असम के लोगों से अपील की कि वे भूमि अधिकार आंदोलन का समर्थन करें और सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं। समिति ने कहा कि भूमि अधिकार असम के लोगों का मौलिक अधिकार है और वे इसके लिए लड़ाई जारी रखेंगे।

इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन समिति ने कहा कि वे डोले की रिहाई के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। समिति ने असम के लोगों से अपील की कि वे भूमि अधिकार आंदोलन का समर्थन करें और सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं।