वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, संयुक्त राज्य सरकार ने वेनज़ुएला के व्यापारी अलेजांद्रो बेतानकोर्ट की उत्तर अमेरिकी ब्लू एनर्जी पार्टनर्स में 35 प्रतिशत निष्क्रिय हिस्सेदारी लेने का इरादा जताया है। इस हिस्सेदारी के साथ अमेरिका कंपनी की उत्पादन का 20 प्रतिशत लागत पर खरीदने का विशेष अधिकार भी सुरक्षित करना चाहता है, जिससे भविष्य में तेल की कीमतों पर नियंत्रण संभव हो सके।
पेंटागन के रणनीतिक पूँजी कार्यालय ने इस निवेश को पेन्य वारंट के रूप में संरचित करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे बिना बड़े पूँजी निवेश के अमेरिकी सरकार को इक्विटी मिल सके। इस प्रकार की वित्तीय व्यवस्था पहले केवल ऋण या गारंटी के रूप में प्रदान की जाती थी, पर अब यह नई रणनीति अमेरिकी ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
यह कदम वेनज़ुएला में हाल ही में आए दोभुज भूकंपों के बाद की मानवीय आपदा के बीच आया है, जहाँ हजारों लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए। भारत ने 'ऑपरेशन अमिस्टाड' के तहत आपदा पीड़ितों को सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना बढ़ी। अब अमेरिकी निवेश का उद्देश्य न केवल आर्थिक लाभ बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और पुनर्निर्माण में सहयोग भी हो सकता है, हालांकि इस पर विभिन्न विशेषज्ञों की राय विभाजित है।
