सरकार ने यात्री वाहनों के लिए ईंधन दक्षता मानकों को और सख्त करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें वाहन निर्माताओं को ५ साल की अवधि में अपने बेड़े के उत्सर्जन को कम करने की आवश्यकता होगी। यह नियम १ अप्रैल २०२७ से लागू होंगे।
इस प्रस्ताव के तहत, वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के ईंधन खपत को कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा है कि वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों में ईंधन बचाने वाली तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार ने यह भी कहा है कि वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए क्रेडिट और डेबिट प्रणाली का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। यह प्रणाली वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों में जैव ईंधन और संपीड़ित जैव गैस का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा।
सरकार ने यह भी कहा है कि वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए कार्बन तटस्थता कारकों का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। यह वाहन निर्माताओं को अपने वाहनों के उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा।
