ढेराज गांवकर की पुराने फ्रेम और हस्तशिल्प के टुकड़ों में रुचि ने मापुसा में द कांका प्रोजेक्ट नामक एक डेकोर स्टूडियो को जन्म दिया। ढेराज गांवकर हमेशा से ही ऐतिहासिक, हस्तशिल्प और विशिष्ट वस्तुओं की ओर आकर्षित रहे हैं।
उनका कहना है कि वे ऐतिहासिक वस्तुओं को खोजने और उन्हें समकालीन स्थानों में लाने के तरीके खोजने में आनंद लेते हैं। यह उनके लिए एक जुनून बन गया है, जिसने उन्हें द कांका प्रोजेक्ट की स्थापना करने के लिए प्रेरित किया।
द कांका प्रोजेक्ट एक डेकोर स्टूडियो है, जो पुराने फ्रेम, हस्तशिल्प के टुकड़ों, और अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं को संरक्षित और पुनर्स्थापित करने में माहिर है। यह स्टूडियो गोवा के मापुसा में स्थित है, और यहाँ के लोगों के लिए एक अनोखा अनुभव प्रदान करता है।
ढेराज गांवकर का यह प्रोजेक्ट न केवल गोवा की संस्कृति को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह भारतीय हस्तशिल्प और ऐतिहासिक वस्तुओं को भी प्रमोट करता है। यह एक ऐसा प्रयास है, जो हमें हमारे अतीत से जोड़ता है और हमें हमारी संस्कृति की महत्ता को समझने में मदद करता है।

