पणजी: सरकारी गजट, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, विभागों के डिजिटल पोर्टल आदि अब कोंकणी भाषा में भी उपलब्ध होंगे, जिसे डिजिटल इंडिया के भाषिनी विभाग में शामिल किया गया है। यह केंद्र सरकार के डिजिटल शासन प्रणाली का हिस्सा है, जिसमें सभी राज्यों में भाषाओं का अनुवाद किया जा रहा है। कोंकणी 22 भारतीय भाषाओं में से एक है, जिसे इस परियोजना में शामिल किया गया है।

कोंकणी भाषा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने से गोवा और अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी अपनी मातृभाषा में मिल सकेगी। यह कदम डिजिटल साक्षरता और शासन को बढ़ावा देने में मदद करेगा। केंद्र सरकार की इस पहल से कोंकणी भाषा को भी बढ़ावा मिलेगा और यह भाषा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक दिखाई देगी।

गोवा में कोंकणी भाषा का महत्व बहुत अधिक है, और यहां के लोगों की मातृभाषा है। कोंकणी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने से यहां के लोगों को अपनी भाषा में सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी, जिससे उन्हें अपने अधिकारों और सुविधाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। यह कदम गोवा के विकास और प्रगति में भी मदद करेगा।

केंद्र सरकार की इस पहल का गोवा के लोगों ने स्वागत किया है, और उन्हें उम्मीद है कि यह कदम कोंकणी भाषा को बढ़ावा देने में मदद करेगा। गोवा के मुख्यमंत्री ने भी इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि यह कदम गोवा के विकास और प्रगति में मदद करेगा।