उच्चतम न्यायालय ने पेलेट गन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि यदि इनका दुरुपयोग होता है तो इसकी जांच की जा सकती है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि राष्ट्रीय राइफल्स की तैनाती वाले स्थानों पर गोला-बारूद के रिकॉर्ड को संरक्षित किया जाना चाहिए।
न्यायालय के इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि पेलेट गन का उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकता है, और इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को विशेष अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा, न्यायालय ने यह भी कहा है कि यदि पेलेट गन के दुरुपयोग के आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी जांच की जा सकती है।
यह मामला तब सामने आया जब कुछ लोगों ने पेलेट गन के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। इसके बाद, उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें पेलेट गन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। लेकिन न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया है और कहा है कि पेलेट गन का उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में ही किया जा सकता है।
न्यायालय के इस निर्णय का मतलब यह है कि पेलेट गन का उपयोग अभी भी जारी रहेगा, लेकिन इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को विशेष अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा, न्यायालय ने यह भी कहा है कि यदि पेलेट गन के दुरुपयोग के आरोप लगाए जाते हैं तो उनकी जांच की जा सकती है। यह निर्णय पेलेट गन के उपयोग को लेकर चल रही बहस को समाप्त करने में मदद कर सकता है।

