अमेरिकी सेना ने सोमवार को कहा कि उसने ईरान पर एक नई सीरीज़ के हमले शुरू किए हैं, जो लगातार तीसरी रात है जब उसने देश पर हमला किया है, क्योंकि युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता असफल हो रहा है। यह हमले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं।
अमेरिकी सेना के अनुसार, यह हमले ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं, जो कथित तौर पर अमेरिकी हितों पर हमला करने की योजना बना रहे थे। अमेरिका ने कहा है कि यह हमले आत्मरक्षा के लिए किए गए हैं और वह अपने नागरिकों और हितों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है और कहा है कि वह अपने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। यह तनाव दोनों देशों के बीच बढ़ते जा रहे हैं और विश्व समुदाय को चिंतित कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से शांति और संवाद के माध्यम से मुद्दों का समाधान निकालने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि युद्ध का कोई समाधान नहीं है और यह केवल और केवल नुकसान पहुंचाएगा। दोनों देशों को अपने मतभेदों को दूर करने और शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों का समाधान निकालने के लिए काम करना चाहिए।

