असम के मुख्य मंत्री हिमंत बिस्वा सार्मा ने कहा कि म्यांमार से उत्पन्न नशीली दवाओं का प्रवाह मिज़ोरम व मणिपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों से असम में प्रवेश करता है, जहाँ से वे पूरे भारत में वितरित होती हैं। 2021 से अब तक 26,500 से अधिक व्यक्तियों को नशे के मामलों में पकड़ा गया है और कुल 3,253 करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाओं की बरामदगी हुई है। सरकार ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष कार्यदल स्थापित किए हैं और सीमा सुरक्षा को कड़ा किया है।

यह नशीली दवाओं की बरामदगी हाल ही में हुए अन्य बड़े अपराधी मामलों के साथ मिलकर सरकार की कड़ी कार्रवाई को दर्शाती है। उसी सप्ताह सांसदों और सरकारी अधिकारियों के घरों से 2,700 करोड़ रुपये मूल्य का सोना व नकद बरामद किया गया, तथा कर्नाटक में मंदिर चोरी के गिरोह को 14.19 लाख रुपये मूल्य की वस्तुओं के साथ गिरफ़्तार किया गया। ओडिशा में पाँच दिनों में 4 करोड़ रुपये मूल्य का अवैध रेत भी जब्त किया गया, जिससे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की नीति स्पष्ट होती है।

इन सभी कारवाइयों से यह स्पष्ट है कि राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर अपराधियों को दंडित करने की ठोस नीति अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और कहा कि नशीली दवाओं के प्रसार को रोकने के लिए जन जागरूकता और पुलिस की सतर्कता आवश्यक है। भविष्य में सीमा नियंत्रण को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा नशे की तस्करी के खिलाफ कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।