19 अगस्त को शिलॉन्ग में खासी छात्र संघ द्वारा आयोजित बाइक रैली में असम के यात्रियों के कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई असमी नागरिक घायल हुए। मेघालय के उपमुख्य मंत्री स्नियाब्हालांग धर ने तुरंत कहा कि क्षतिग्रस्त वाहनों की मरम्मत और घायल लोगों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस कदम से दोनों राज्यों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की आशा जताई गई।
इस टकराव की पृष्ठभूमि में कई पूर्व घटनाएँ हैं। पिछले महीने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मेघालय ने विभिन्न शोध पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की, जिससे स्थानीय युवाओं में आशा जगी। उसी समय असम में बाढ़ के कारण राहत शिविर स्थापित किए गए और राज्य ने उच्च सतर्कता बनाए रखी। इसके अतिरिक्त, रुड़्राप्रयाग में निहांगों द्वारा गुरुद्वारे पर कब्ज़ा करने की घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रश्न उठाए। इन सभी घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया।
अब असम और मेघालय दोनों सरकारें टकराव को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। दोनों राज्य के प्रमुखों ने संवाद स्थापित करने और शांति बहाल करने के लिए आपसी समझौते की आवश्यकता पर बल दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक संवाद और त्वरित मुआवजा प्रणाली को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा गया है।

